भारतीय किसान यूनियन (गजय) के बारे में
भारतीय किसान यूनियन (गजय) के बारे में
भारत में किसानों और मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए और सभी किसान यूनियन के कार्यकलापों की समीक्षा करने के उपरांत तथा भारत के किसान और मजदूरों के उद्धारक श्री गजय ठाकुर जी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक ऐसा संगठन बनाने के बारे में विचार किया जो सही मायने में राजनीति से दूर रहकर अराजनेतिक तरीके से भारत के किसानों और मजदूरों की हर जरूरत के लिए उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए काम करेगा। सन 2025 में भारतीय किसान यूनियन (गजय) की नीव रखी गई।
भारतीय किसान यूनियन (गजय) और उनका प्रभाव
भारतीय किसान यूनियन (गजय) एक महत्वपूर्ण संगठन है जो भारतीय किसानों और मजदूरों की समस्याओं का समर्थन करता है और उनकी मांगों को सरकार के सामने रखता है। यह संघ किसानों के हित में कई आंदोलन और जनसभाएं आयोजित करता है जिससे किसानों की आवाज बुलंद होती है और उन्हें सम्मान मिलता है।
भारतीय किसान यूनियन (गजय) का मुख्य उद्देश्य है किसानों एवं मजदूरों की समस्याओं और जीवन की स्थिति में सुधार करना। इस संगठन के प्रमुख कार्यक्षेत्र में किसानों के मांगों को सरकार और अन्य संगठनों के सामने रखना, किसानों को ताकतवर बनाना और उनके समृद्धि के लिए कदम उठाना शामिल है।
हमारी उपलब्धियां
भारतीय किसान यूनियन (गजय) के आंदोलन ने किसानों को कई लाभ प्रदान किए हैं। उनके आंदोलनों के द्वारा किसानों के हकों की रक्षा की गई है और उन्हें सही मूल्य मिलने का समाधान भी मिला है। इसके अलावा, भारतीय किसान यूनियन (गजय) ने किसानों को नई तकनीकों और कौशलों से अवगत कराया है जिससे उनकी समृद्धि में सुधार हो सके।
भारतीय किसान यूनियन (गजय) ने किसानों की भारतीय समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस संघ के उद्देश्यों में किसानों की सशक्तिकरण और समृद्धि को बढ़ावा देना शामिल है। इसके प्रयासों से किसानों की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार होता है।
हमारा व्यापक दायित्व
भारतीय किसान यूनियन (गजय) का महत्वपूर्ण योगदान है किसानों की मांगों को सरकार के सामने रखने में। इस संघ की सहायता से किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचने में मदद मिलती है और उन्हें उनके हक की रक्षा करने में सहायता मिलती है।
इस प्रकार, भारतीय किसान यूनियन (गजय) एक महत्वपूर्ण संगठन है जिसका महत्वपूर्ण योगदान है किसानों की समस्याओं का समाधान करने में और उन्हें सशक्त बनाने में। इस संघ के प्रयासों से किसानों की स्थिति में सुधार होगा और उन्हें समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। भारतीय किसानों को एवं मजदूरों के विकास में ऐसे संगठन का होना बहुत जरूरी है।
आज का स्थान
सभी राजकीय संगठनों से अलिप्त रहकर और राजकीय अभिलाषाओं से परे होकर भारतीय किसान यूनियन (गजय) किसानों एवं मजदूरों की आवाज को उठाने के लिए समर्पित है। आज भारतीय किसान यूनियन (गजय) देश के किसानों तथा कृषि मजदूरों की आवाज उठाने वाला और साथ ही ग्राम विकास की प्रक्रिया में सहयोग देने वाला एक प्रमुख संगठन बन चुका है।
प्रमुख योजनाएं
भूमि, जल और ऊर्जा स्रोतों का व्यवस्थापन तथा पर्यावरण संरक्षण के संबंध में सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ हाथ मिलाकर किसानों के लिए विविध प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करना संगठन की प्रमुख योजनाओं में से है।
नई विकसित जल सिंचन प्रणाली तथा पानी की बचत करने वाले उपकरणों को विकसित करना और किसानों के हित में उनका प्रचार करना संगठन का उद्देश्य है। किसानों को आने वाली परेशानियों और उनकी समस्याओं पर चर्चा आयोजित करना, उसे किसानों को उत्तम खेती के लिए प्रशिक्षण देना, प्रोत्साहन देना और मदद करना संगठन का उद्देश्य है।
खेती के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समान उद्देश्य के तहत काम करने वाली संस्थाओं को किसानों के मंच पर लाना और उनके द्वारा किसानों की सहायता करना भी संगठन का उद्देश्य है। किसानों को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक प्रगति के लिए स्रोत उपलब्ध कराना और कृषि के साथ-साथ गृह उद्योगों द्वारा आय के दूसरे स्रोत उत्पन्न करने में सहायता करना भी संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।
पर्यावरण संरक्षण
बढ़ती जनसंख्या और बड़ी-बड़ी इमारत के कारण पर्यावरण की प्रकृति नष्ट हो रही है, हर जगह घने वृक्ष काटकर ऊंची इमारत का निर्माण करने से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। इस विषय में हमारा संगठन पेड़ लगाओ प्रकृति बचाओ पर काम कर रहा है। जिससे हम हरित क्रांति की ओर अग्रसर होंगे।
हमारा संगठन जलवायु परिवर्तन के कारण मनुष्य को अपनी जीवन शैली में बदलाव के लिए प्रेरित करता है। जलवायु परिवर्तन के कारण पहाड़ों में ग्लेशियर और प्राकृतिक जल स्रोत खत्म होते जा रहे हैं। कृषि भूमि सिर्फ बारिश पे निर्भर होती जा रही है, जिससे कि पहाड़ में खेती करने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और कोई आय के स्रोत न होने के कारण पहाड़ों में पलायन की समस्या गंभीर होती जा रही है। सभी ग्राम पंचायत के सहयोग से पलायन को रोकने और प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्निर्माण के लिए हमारा संगठन प्रयासरत है।
जय जवान, जय किसान! 🌾🚜